कीवर्ड: बाजरा खरीद स्टेटस, बाजरा खरीद का पैसा चेक, किसान पंजीकरण स्थिति, उत्तर प्रदेश बाजरा खरीद 2025
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में बाजरा (Pearl Millet) की खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराए गए हैं। वर्ष 2025-26 के खरीफ सीजन में बाजरा खरीद का स्टेटस, किसान पंजीकरण की स्थिति और बाजार खरीद का पैसा चेक करने की सुविधा ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जा रही है। यदि आप एक किसान हैं और बाजरा बेचने के लिए पंजीकृत हैं, तो यह लेख आपको स्टेप-बाय-स्टेप गाइड प्रदान करेगा। यह जानकारी न केवल आपके समय की बचत करेगी बल्कि पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
बाजरा खरीद प्रक्रिया का अवलोकन
उत्तर प्रदेश में बाजरा खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाती है, जो वर्तमान सीजन में ₹2,625 प्रति क्विंटल निर्धारित है। खरीद केंद्रों पर किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। 2025-26 सीजन के लिए पंजीकरण 1 जून से शुरू हो चुका है और 31 जुलाई तक चलेगा। अब तक लाखों किसानों ने पंजीकरण कराया है, और खरीद प्रक्रिया अक्टूबर से पूर्ण गति में है।
सरकार द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सभी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। इससे किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। बाजरा खरीद का स्टेटस चेक करने, पंजीकरण स्थिति जानने और प्राप्त भुगतान की जांच के लिए तीन मुख्य लिंक उपयोगी साबित हो रहे हैं। इन लिंक्स को हम लेख में बटन के रूप में जोड़ रहे हैं ताकि आप आसानी से एक्सेस कर सकें।
खरीद हेतु किसान पंजीकरण स्थिति कैसे चेक करें
बाजरा खरीद में भाग लेने के लिए सबसे पहले किसान पंजीकरण आवश्यक है। यदि आपने पंजीकरण कराया है लेकिन स्थिति की पुष्टि नहीं की है, तो चिंता न करें। उत्तर प्रदेश ई-उपार्जन पोर्टल पर जाकर आप जिला-वार सभी किसानों की पंजीकरण स्थिति देख सकते हैं।
स्टेप्स:
- नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।
- अपना जिला चुनें।
- अपना नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर सर्च करें।
- स्थिति दिखाई देगी – स्वीकृत, लंबित या अस्वीकृत।
यदि पंजीकरण लंबित है, तो नजदीकी कृषि कार्यालय में संपर्क करें। 2025-26 सीजन में अब तक 75% से अधिक पंजीकरण स्वीकृत हो चुके हैं। यह प्रक्रिया मोबाइल फ्रेंडली है, इसलिए आप स्मार्टफोन से भी चेक कर सकते हैं।
पंजीकरण न होने पर तुरंत आवेदन करें। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि दस्तावेज।
बाजरा खरीद का स्टेटस और क्रय केंद्र विवरण
पंजीकरण के बाद बाजरा खरीद का स्टेटस जानना महत्वपूर्ण है। क्या आपकी उपज स्वीकार की गई? कितनी मात्रा बिकी? क्रय केंद्रों की संख्या और दोहराव वाली खरीद की जानकारी भी उपलब्ध है। जिला-वार क्रय केंद्रों का विवरण देखें ताकि नजदीकी केंद्र पर पहुंच सकें।
मुख्य बिंदु:
- प्रत्येक जिले में औसतन 500+ क्रय केंद्र स्थापित।
- स्टेटस में कुल खरीद मात्रा, किसान संख्या और गुणवत्ता जांच शामिल।
- यदि दोहराव (रिपीट) खरीद दिखे, तो यह सामान्य है – एक किसान कई केंद्रों से बेच सकता है।
स्टेप्स फॉलो करें: बटन क्लिक करें, जिला कोड डालें (जैसे MF8xNF8y), और रिपोर्ट डाउनलोड करें। यह रिपोर्ट PDF फॉर्मेट में उपलब्ध है, जो प्रिंट करने योग्य है। मोबाइल पर वर्टिकल स्क्रॉल के साथ पूरी तरह रिस्पॉन्सिव।
बाजार खरीद का पैसा चेक कैसे करें: खरीद सारांश
उपज बेचने के बाद सबसे बड़ी चिंता होती है भुगतान की। बाजरा खरीद का पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 48 घंटों के अंदर बैंक खाते में आ जाता है। लेकिन स्टेटस चेक करना जरूरी है। जिला-वार खरीद सारांश रिपोर्ट में कुल खरीद, भुगतान राशि और बकाया विवरण मिलेगा।
चेक करने के तरीके:
- सारांश बटन पर क्लिक।
- जिला चुनें (डिफॉल्ट कोड: RF9fMF8OVF8wXzJfMTQjMjAyNS0yMDI2IzE%3d)।
- अपनी खरीद तिथि और मात्रा मैच करें।
- भुगतान स्टेटस: जारी, प्रोसेसिंग या पूर्ण।
2025-26 में अब तक ₹5,000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। यदि बकाया है, तो हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर कॉल करें। यह सुविधा 24/7 उपलब्ध है।
सामान्य समस्याएं और समाधान
कई किसान पोर्टल लोडिंग या पासवर्ड फॉरगेट की समस्या का सामना करते हैं। समाधान: मजबूत इंटरनेट का उपयोग करें, ब्राउजर कैश क्लियर करें। यदि आधार लिंकिंग इश्यू हो, तो CSC केंद्र पर जाएं।
सरकार ने किसानों के लिए मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है – ‘UP Kisan’ ऐप डाउनलोड करें। इसमें पुश नोटिफिकेशन के साथ स्टेटस अपडेट मिलेंगे।
निष्कर्ष: डिजिटल भारत से किसानों को लाभ
बाजरा खरीद 2025-26 में डिजिटलीकरण ने किसानों को सशक्त बनाया है। स्टेटस चेक, पंजीकरण और भुगतान ट्रैकिंग अब एक क्लिक दूर हैं। ऊपर दिए बटनों का उपयोग करें और अपनी फसल का अधिकतम लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट eproc.up.gov.in विजिट करें।
यह लेख 05 नवंबर 2025 को अपडेट किया गया है। स्रोत: उत्तर प्रदेश सरकार पोर्टल।
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